"वहाँ नरक जैसी बहुत सारी चीज़ें थीं": सोवियत आक्रमण से बदली मंचूकुओ-मंगोलिया बसावती दल की वास्तविकता और "यौन सेवा" की पीड़ित महिलाएँ (9 अक्टूबर 2026)
1941 में नागानो प्रान्त के ओशिका गाँव से मंचूरिया गए मंचूरिया-मंगोलिया कृषि दल (満蒙開拓団) के अनुभवों पर आधारित है, जिन्हें श्रीमती किताए एमी ने सुनाया है। इसमें युद्ध में हार और सोवियत आक्रमण के बाद स्थिति के पूरी तरह बदल जाने, और सोवियत सैनिकों के सामने महिलाओं को यौन संपर्क के लिए पेश किए जाने की समस्या पर चर्चा है। गिफ़ू प्रान्त की कुरोकावा बस्ती की घटना का भी उल्लेख है। वक्ता ने यह भी बताया है कि उनके परिवार को अपनी दो बहनों में से एक को बचाने के चुनाव का सामना करना पड़ा।
इस वीडियो में- 1941 में सात वर्ष की आयु में नागानो प्रान्त के ओशिका गाँव से मंचूरिया जाने का अनुभव
- युद्ध में पराजय और सोवियत संघ के आक्रमण के बाद बदले हालात
- गिफ़ू प्रान्त की कुरोकावा बस्ती सहित अन्य जगहों पर हुए "यौन सेवा" के मामले
「本当に地獄のようなことがいっぱいあった。私が語り切れるもんじゃない」 戦時下、中国・満州での過酷な体験を、仲間たちとともに紙芝居を使って語り伝えている北村栄美さん。今年92歳になります。 栄美さんは1941年、7歳の時に長野県大鹿村から満蒙開拓団として満州に渡りました。 敗戦と同時に目にしたもの。ソ連兵に性の相手として送られる女性たちの犠牲でした。岐阜県の黒川開拓団で起きた「性接待」は、他でも起きていたのです。 そして、栄美さんは二人の妹のうちどちらを生かすかー命の選択も迫られました。 [テレ朝NEWS] https://news.tv-asahi.co.jp
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- स्रोत साइट
- youtube.com
- मूल पेज
- https://www.youtube.com/watch?v=N_NeP8typXw
- वीडियो प्लेटफ़ॉर्म
- YouTube
- स्रोत पर प्रकाशित
- 9 अक्टूबर 2026 को 10:36 am बजे
- अवधि
- 17:07
- स्रोत पर प्रकाशित9 अक्टूबर 2026 को 10:36 am बजे
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- डुप्लिकेट जाँच पूरी
- साइट पर प्रकाशित11 अक्टूबर 2026 को 06:36 am बजे
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