मंगल के उपग्रह अन्वेषण यान MMX का जापान के नेतृत्व वाले "विश्व-प्रथम" मिशन पर प्रस्थान [Hōsō Stēshon] (20 अक्टूबर 2026)
मंगल के उपग्रहों की खोज के लिए जापान का MMX यान 20 अक्टूबर की सुबह H3 रॉकेट की 10वीं उड़ान से प्रक्षेपित किया गया। रॉकेट से अलग होने के बाद इसे मंगल की ओर जाने वाले मार्ग पर भेजा गया। अनुमान है कि यह एक वर्ष में मंगल प्रणाली तक पहुंचकर फोबोस का अवलोकन करेगा। मिशन में कम से कम 10 ग्राम रेत एकत्र कर तीन वर्ष के प्रवास के बाद पृथ्वी पर लाने की योजना है।
इस वीडियो में- H3 रॉकेट की 10वीं उड़ान से MMX का प्रक्षेपण
- फोबोस का अवलोकन और नमूना वापसी की योजना
- उतरने की जगह खोजने के लिए छोटा रोवर
日本が主導する世界初のミッション。打ち上げに成功しました。 20日朝、H3ロケット10号機の打ち上げに成功しました。“世界初”の使命を背負った、火星衛星探査機『MMX』を載せて。最初の関門。MMXをロケットから切り離し、火星に向かう軌道へと送り出しました。失敗もあったH3ですが、3機連続で成功。来年には民間に移管する方針です。 ロケットと探査機のプロジェクトマネージャが揃って会見しました。 JAXA H3プロジェクトマネージャ 有田誠さん 「本当に息が抜けるというか。やっと川勝さんとの約束が果たせた」 MMXは1年かけて火星圏に到着し、衛星フォボスを観測します。フォボスは、地球にとっての月で、地球と月の距離、約38万キロに対し、火星とフォボスはわずか約6000キロ。そのため、その砂は火星由来の成分が含まれていると考えられています。 探査はまず、小型ローバーを投下して着陸できる場所を探ります。その後、MMXが着陸を試み、10グラム以上の砂を採取します。3年の滞在を終えると、砂を抱えて地球に帰って来る計画です。 今回のサンプルリターン計画には、各国の技術が日本に集結しました。小型ローバーは、フランスとドイツが共同開発したもの。物質の分析に重要な役割を担う観測機器は、NASAが参加したもの。それは『はやぶさ』『はやぶさ2』のチームによって日本の“お家芸”になったからです。 JAXA MMXプロジェクトマネージャ 川勝康弘さん 「火星の衛星からのサンプルリターンは世界初ですが、何がリュウグウとかイトカワと違うかというと、重力の井戸の奥深くに入って、出てくるところが難しい」 フォボスの重力は地球の2000分の1。火星の3分の1と比較すると小さいですが、それでも重力にあらがって帰路につくのは大きな挑戦です。MMXが地球に砂を届けるのは5年後です。 [テレ朝NEWS] https://news.tv-asahi.co.jp
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- youtube.com
- मूल पेज
- https://www.youtube.com/watch?v=MSmyUPt5tLk
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- स्रोत पर प्रकाशित
- 20 अक्टूबर 2026 को 04:19 pm बजे
- अवधि
- 5:00
- स्रोत पर प्रकाशित20 अक्टूबर 2026 को 04:19 pm बजे
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- डुप्लिकेट जाँच पूरी
- साइट पर प्रकाशित20 अक्टूबर 2026 को 05:18 pm बजे
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